चूड़धार में ईमानदारी की मिसाल

Himachal Pradesh

उत्तराखंड के विकासनगर निवासी रीना शर्मा को अपना खोया हुआ पर्स मिला जिसमे नगदी के साथ साथ लाखों का जेवर भी था। जब उन्हें फोन पर बताया गया कि उनका पर्स और उसमें रखा पूरा सामान सुरक्षित है, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। भावुक होकर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी वापसी की कोई उम्मीद नहीं थी। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदार ऋतिक शर्मा को विशेष रूप से उत्तराखंड से चूड़धार भेजा ताकि वह सामान प्राप्त कर सके। भावुक हुई महिला ने कहा – “अब भी जिंदा हैं ईमानदार लोग”
दरसल चूड़धार धाम से एक ऐसी प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जिसने ईमानदारी और मानवता के प्रति लोगों के विश्वास को और मजबूत कर दिया है। चूड़धार मंदिर के सेवादार एवं शिरगुल महाराज के पुजारी पंडित दीप राम शर्मा ने लगभग पांच लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषणों और नकदी से भरा पर्स उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाकर न केवल एक परिवार की अमूल्य धरोहर लौटाई, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं के बीच ईमानदारी की एक मिसाल भी कायम कर दी।
मंगलवार को चुड़ेश्वर सेवा समिति के सेवादारों सोहन, जिया लाल, रोशन शर्मा, प्रदीप तथा अन्य सदस्यों की मौजूदगी में उत्तराखंड के दशऊ गांव निवासी ऋतिक शर्मा को पर्स और उसमें रखा समस्त सामान विधिवत सौंप दिया गया। पर्स में रखा प्रत्येक आभूषण और पूरी नकदी सुरक्षित मिलने पर ऋतिक शर्मा ने चूड़धार मंदिर प्रबंधन, सेवा समिति और विशेष रूप से पंडित दीप राम शर्मा का आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि पंडित दीप राम शर्मा मूल रूप से सिरमौर जिले की शिलाई तहसील में स्थित शुनकुटा ब्राह्मणों के सबसे बड़े गांव नाया के निवासी हैं तथा वर्तमान में उनका निवास रोनहाट में है। वह पिछले लगभग 25 वर्षों से चूड़धार मंदिर के सेवादार और शिरगुल महाराज के पुजारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आपको बताते चले कि पंडित दीप राम शर्मा को अधिकांश श्रद्धालु प्यार और इज्जत में “सिरमौरी पुजारी जी” के नाम से भी संबोधित करते है।

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