वनरोपण में कृषक समुदाय को शामिल करने के लिए MOU Sign, 50 हजार किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद

Himachal Pradesh

हिमाचल प्रदेश वन विभाग ने हिम एवरग्रीन परियोजना के अंतर्गत वनीकरण के लिए समुदाय को शामिल करने के लिए आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में सिंगापुर स्थित कम्पनी प्रोक्लाइम के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। राज्य सरकार की ओर से प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय सूद ने तथा कंपनी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी कविन कुमार कंदसामी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर बोलते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह वनीकरण और कार्बन क्रेडिट परियोजना जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशीलता को मज़बूत करने, किसानों की आजीविका में सुधार लाने और भारत के दीर्घकालिक शुद्ध-शून्य लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे कृषि भूमि और खेत की मेड़ों पर वृक्षारोपण को एकीकृत करके राज्य भर के 50,000 से अधिक किसानों को लाभ होगा। उन्होंने वन विभाग को निर्देश दिए कि वे किसानों को अपनी ज़मीन पर पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु वित्तीय सहायता और सहायता प्रदान करें। उन्होंने कहा कि उन्हें पाँच वर्षों के बाद कार्बन क्रेडिट का लाभ मिलेगा और कंपनी का 30 प्रतिशत लाभ किसानों को मिलेगा। यह परियोजना तीन चरणों में क्रियान्वित की जाएगी और इससे राज्य में हरित आवरण बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के साथ-साथ कृषक समुदाय को बड़े पैमाने पर रोज़गार और आजीविका के अवसर भी मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से कार्बन पृथक्करण के माध्यम से महत्वपूर्ण दीर्घकालिक जलवायु लाभ उत्पन्न होने की उम्मीद है, साथ ही कई सह-लाभ भी प्राप्त होंगे, जिनमें मृदा स्वास्थ्य में सुधार और कटाव में कमी, कृषि जैव विविधता में वृद्धि और भाग लेने वाले कृषक समुदायों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर शामिल हैं। इस अवसर पर पर्यावरण, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन सचिव सुशील सिंघला, प्रोक्लाइम कंपनी के तकनीकी निदेशक सम्राट सेनगुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।